Popular Posts

Thursday, January 30, 2020

युवदर्शन

आज के युवाओं की सोच और भाव से जो अवगत हैं वो समझ सकते हैं कि यह जीवन का ऐसा पड़ाव है जिसमें वह कठिनाइभरे चमत्कारी सालो में केवल हंसी मजाक और आशावाद का ही सहारा होता है।
ऐसे में यह जानना आवश्यक हैं कि 
जो भी कुछ हम सुनते हैं वे विचार होते हैं, तथ्य नहीं।
 हम जो कुछ देखते हैं वह एक परिप्रेक्ष्य है, सत्य नहीं 

अगर सही नहीं लगता तो करो मत
अगर सच नहीं हैं तो कहो मत

बेहतरीन इंसान सिर्फ और सिर्फ अपने कर्म से पहचाने जाते हैं। 
क्योंकि अच्छी बातें तो बुरे लोग भी कर लेते है।

No comments: